Ek Cup Chai (एक कप चाय)



एक कप चाय
और ज़िन्दगी हो साई फाई
हर वक़्त जब हो तुम परेशान
स्ट्रेस को करे बाई बाई
एक कप चाय

वो ठण्ड में ठिठुरते पल
और ट्रेन की खिड़की से वो आवाज़
लाजवाब सी वैसी एक प्याली
और खोल दे सुबह का मिजाज़

सुबह के भूखे हाथ में लेके ब्रेड
करोड़ो आँखें तलाशती है चाय
बस एक डूबकी प्याली में
गीली होकर ब्रेड हो जाती डाई

एक कप चाय
और ज़िन्दगी हो हाई फाई
जब कुछ वक़्त बैठके हो बिताना
किसी से न लेना राय
बस बोल देना एक कप चाय.....



अगली प्याली तक
राजेश..

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